पानीपत के प्रथम युद्ध के परिणाम

पानीपत के प्रथम युद्ध के परिणाम पानीपत का प्रथम युद्ध भारत के निर्णयात्मक युद्धों में से है। इसने भारत की राजनीति से एक युग का अंत करके दूसरे युग का आरम्भ कर दिया। उत्तर भारत की राजनीति में इस युद्ध ने भारी फेर बदल कर दिया। (1.) लोदी वंश का अंत: इस युद्ध ने लोदी …

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पानीपत का प्रथम युद्ध बाबर की सेना

पानीपत का प्रथम युद्ध बाबर की सेना: अप्रेल 1526 में बाबर अपनी सेना के साथ पानीपत के मैदान में आ डटा। वह अपने साथ 12 हजार सैनिक लाया था किंतु मार्ग में बहुत से भारतीय सैनिक भी उसके साथ हो लिये। इस प्रकार जब बाबर पानीपत के मैदान में पहुँचा तो उसके सैनिकों की संख्या …

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भारत पर वंशानुगत राज्य होने का दावा: ओर बाबर की भारत मे उपलब्धियां

( बाबर, तैमूर लंग का वंशज होने के कारण तैमूर द्वारा विजित भारतीय क्षेत्रों को अपने वंशानुगत राज्य में होने का दावा करता था। जब तैमूर ने भारत पर आक्रमण किया था तब उसने पंजाब के पश्चिमी भाग को अपने राज्य में मिला लिया था परन्तु बाद में अफगानों ने उस पर अपना अधिकार जमा …

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बिहार में स्वतंत्र राज्य की स्थापना

(बिहार में लोहानी अथवा नुहानी अफगानों ने अपना स्वतंत्र राज्य स्थापित कर लिया था। बंगाल में स्वतंत्र राज्य की स्थापना: हुसैनशाह तथा नसरत शाह ने बंगाल में स्वतन्त्र राज्य स्थापित कर लिये थे तथा दक्षिण बिहार पर अधिकार करने के लिये लालायित थे। नसरत शाह द्वारा तिरहुत पर अधिकार: नसरत शाह ने 1521 ई. में …

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बाबर का काबुल, गजनी तथा कान्धार पर अधिकार ओर भारत पर आक्रमण

इसे सुनकर बाबर के छोटे भाई जहाँगीर ने फरगना पर अधिकार कर लिया। यह सुनकर बाबर सेना सहित फरगना के लिये रवाना हुआ किंतु वह जहाँगीर से फरगना प्राप्त नहीं कर सका। निराश होकर वह समरकंद लौटा किंतु तब तक समरकंद भी उसके हाथ से निकल गया। कुछ दिनों तक इधर-उधर ठोकरें खाने के बाद …

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मुगल सल्तनत की अस्थिरता का युग नासिरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँ हुमायूँ का प्रारम्भिक जीवन

मुगल सल्तनत की अस्थिरता का युग नासिरुद्दीन मुहम्मद हुमायूँ हुमायूँ का प्रारम्भिक जीवन बाबर के चार पुत्र और तीन पुत्रियाँ थीं जिनमें हुमायूँ सबसे बड़ा था। हुमायूँ का जन्म 6 मार्च 1508 को काबुल में हुआ था। उसकी माँ माहम सुल्ताना हिरात के शिया मुसलमान हुसैन बैकरा के खानदान से थी, उसे माहिज बेगम भी …

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मुगलों का राज्य विस्तार जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर बाबर का वंश परिचय

बाबर का पिता उमर शेख मिर्जा, तैमूर लंग का वंशज था। शेख मिर्जा फरगना के एक छोटे से राज्य का शासक था जो उसे अपने पूर्वजों से मिला था। बाबर की माता का नाम कूललूक निगार खानम था जो मंगोल सरदार यूनस खाँ की पुत्री थी। यूनस खाँ, चंगेज खाँ का वंशज था। इस प्रकार …

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स्टोरिया डी मोगोर (मोगेल इण्डिया):

इस ग्रन्थ का लेखक निकोलोआ मनूची था। उसका जन्म इटली के वेनिस नगर में 1637 ई. में हुआ था। चौदह वर्ष की अल्पायु में ही वह विश्व भ्रमण के लिए निकल पड़ा। 1650 ई. में वह सूरत होता हुआ दिल्ली पहुँचा। वह तुर्की और फारसी भाषाओं का ज्ञाता था। उसने लम्बे समय तक भारत में …

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अंतरधार्मिक संवाद

हाल ही में विश्व धर्म संसद ने मुझे एक आयोजन में बोलने का आमंत्रण भेजा था, मुझे दिया गया विषय था: ‘अंतरधार्मिक संवाद में युवाओं की भूमिका।’ मैंने मन में सोचा: क्यों न युवाओं से ही पूछा जाए कि मुझे क्या बोलना चाहिए? आख़िरकार, मुझ चालीस वर्षीय की तुलना में वे बेहतर जानते होंगे कि …

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प्रसन्नमना धार्मिक एवं उदारवादी

मैं शिव भक्त हूं। और मैं उतना ही भक्त हूं जितना कोई हो सकता है। इसलिए इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि अपने घर के पूजाघर में मैंने बीच में भगवान शिव की प्रतिमा रखी है। उसके पास ही, बेशक, अन्य हिंदू देवताओं की प्रतिमाएं हैं, जैसे भगवान राम, भगवान कृष्ण, भगवान गणेश, …

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